
देश में लॉक डाउन के बीच टोल टैक्स में मिली राहत अब खत्म होने जा रही है। 20 अप्रैल से टोल टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉक डाउन को 19 दिन आगे बढ़ाते हुए 3 मई तक के लिए लागू कर दिया है। ऐसे में कुछ क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए ढील दी जाएगी इसके साथ ही NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर 20 अप्रैल से टोल वसूली की शुरुआत करने का फैसला लिया है। इसे लेकर NHAI को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक पत्र भी लिखा है।
क्या है मंत्रालय के पत्र में ?
NHAI (एनएचएआई) को लिखे पत्र में मंत्रालय ने कहा, ‘‘टोल टैक्स की वसूली 20 अप्रैल, 2020 से की जानी चाहिए. ’’ दरअसल, कोरोना वायरस के मद्देनजर देश में जारी लॉक डाउन के कारण टैक्स वसूली को 25 मार्च से अस्थाई रूप से रोक दिया था ताकि जरूरी सामान की ढुलाई में आसानी हो सके।
लॉक डाउन के 25 वें दिन इस कीमत पर बिक रहा है पेट्रोल और…
इसके बाद 11 और 14 अप्रैल को एनएचएआई ने अपने मंत्रालय को पत्र लिखा जिसमे टोल टैक्स वसूली को एक बार फिर शुरू करने पर जोर दिया गया। इस पत्र में NHAI (एनएचएआई) ने टोल टैक्स वसूली के लिए तर्क देते हुए ये कहा है कि गृह मंत्रालय ने कई कामकाज को 20 अप्रैल से अनुमति दे दी है।
एनएचएआई के अनुसार, सरकार को टोल टैक्स वसूली से राजस्व मिलता है। इसे एनएचआई को भी पैसों का फायदा होता है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएआई को लॉक डाउन से 1822 करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना है।
हालांकि, टोल चलाने वाले एजेंसियों की मानें तो अभी कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा काफी अधिक है। ऐसे में टोल वसूली करना जल्दबाजी होगा। टोल चलाने वाली एक निजी एजेंसी के अधिकारी ने बताया, “ हम ये नहीं बता सकते कि टोल बूथ पर कौन आदमी कहां से आ रहा है. हर कोई फास्टैग यूज नहीं करता है. ऐसे में संक्रमण का खतरा ज्यादा है.”
वहीं, सरकार के इस कदम का परिवहन उद्योग से जुड़े ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने विरोध किया है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की माने तो यह बहुत ही गलत है। सरकारी चाहती है कि जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रहे और हमारा समुदाय तमाम परेशानियों के बावजूद ऐसा कर रहा है। ऐसे में छूट मिलती रहनी चाहिए। करीब 95 लाख ट्रक और परिवहन प्रतिष्ठान एआईएमटीसी के तहत आते हैं।

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