
इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश के बाद कोरोना की जांच के लिए पहुंची टीम पर हमला करने वाले 4 लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना से पीड़ित लोगों की जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम पर एक अप्रैल को इंदौर के टाटपट्टी बाखल में हमला करने वाले चार आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन चारों को रीवा केंद्रीय जेल भेजा जा रहा है।
क्या था पूरा मामला
एएसपी (पश्चिम) राजेश व्यास से मिली जानकारी के मुताबिक, दुनिया में कहर बरसा रहे कोरोना से संक्रमितों की जांच के लिए पहुंचे डॉक्टरों के दल पर भीड़ ने बुधवार को दोपहर में हमला कर दिया। इस हमले में डॉक्टरों के दल को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया साथ ही पथराव भी किया गया। इसके बाद एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और देर रात कई वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की पहचान भी की गई।
किन लोगों पर हुई रासुका की कार्रवाई
इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह के जारी आदेश के बाद सोयब उर्फ शोभी पिता मोहम्मद मुख्तयार, मोहम्मद गुलरेज पिता हाजी अब्दूल गनी, मोहम्मद मुस्तफा पिता हाजी मोहम्मद इस्माईल और मज्जू उर्फ मजीद पिता अब्दुल गफूर पर ये कार्यवाई की गई है।
आपको बता दें, पुलिस ने जांच के लिए गई टीम पर हमला करने वाले 7 लोगों को गुरुवार सुबह अपनी हिरासत में ले लिया था जबकि 6 को देर रात पकड़ा गया। हिरासत में लिए गए सभी आरोपों की उनकी क्षेत्र जमकर पिटाई भी की गई वहीं पुलिस मामले में शामिल
आरोपितों को वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लिया है। इन आरोपियों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तहत भी कार्रवाई की गई है।
आरोपितों को वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लिया है। इन आरोपियों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट तहत भी कार्रवाई की गई है।
क्या है रासुका
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, एक ऐसा कानून है जो देश की सुरक्षा के लिए सरकार को आर्थिक सहायता देता है। यह केंद्र और राज्य सरकार को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को अपनी हिरासत में लेने का अधिकार देता है।

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